ब्रेकिंग
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के पालन को लेकर दुर्ग निगम सख्त, बल्क वेस्ट जनरेटरों की हुई अहम बैठक, विधायक गोमती साय ने कहा-ग्रामीण विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती कृत्रिम गर्भाधान से पशुधन विकास की मिसाल बना ग्राम पुरी नया रायपुर में अतिक्रमण प्रभावित 65 परिवारों का होगा पुनर्वास, सेक्टर-30 के ईडब्ल्यूएस आवासों में मि... भारत-जापान संबंधों को नई मजबूती, पीएम मोदी ने सानाए ताकाइची से की अहम मुलाकात किसानों के साथ धोखाधड़ी! सारंगढ़-बिलाईगढ़ में DAP के नाम पर नकली खाद की बिक्री का खुलासा हाईकोर्ट से मेयर और 32 पार्षदों को झटका, भिलाई निगम आयुक्त के खिलाफ याचिका खारिज केंद्र सरकार ने अधिसूचित की नई EPF योजना-2026, 29 जून से लागू हुए नए नियम WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, मेटा को जारी किया नोटिस एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय
छत्तीसगढ़

किसानों के साथ धोखाधड़ी! सारंगढ़-बिलाईगढ़ में DAP के नाम पर नकली खाद की बिक्री का खुलासा

सारंगढ़: छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कृषि विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में किसानों से धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सरसीवा थाना क्षेत्र के ग्राम गाड़ापाली में छापेमारी के दौरान डीएपी (DAP) खाद के नाम पर जैव उर्वरक (बायो-फर्टिलाइजर) बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया। मामले में ‘पुलकित बायोफर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़े चार आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले दो से तीन वर्षों से सरसीवा क्षेत्र को आधार बनाकर सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिलों के किसानों को निशाना बना रहे थे। आरोपी गांव-गांव जाकर अपने उत्पाद को असली डीएपी खाद बताकर बेचते थे और भरोसा दिलाने के लिए फर्जी बिल भी उपलब्ध कराते थे।

कृषि विभाग की जांच में यह भी पता चला कि कथित नकली खाद हरियाणा के गुरुग्राम से मंगाई जा रही थी। आरोपी कार्रवाई से बचने के लिए सुनसान इलाकों में किराए के मकानों में ठहरते थे और समय-समय पर अपना ठिकाना बदलते रहते थे।

अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष भी सरसीवा तहसील के भिनौदा गांव में इसी कंपनी का संदिग्ध उत्पाद मिला था, लेकिन उस समय मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहे थे। इस बार कृषि विभाग और प्रशासन की सतर्कता के चलते चारों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद एवं बीज खरीदें तथा खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य लें। यदि कोई व्यक्ति गांव या घर पहुंचकर डीएपी के नाम पर खाद बेचने का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या कृषि विभाग को दें, ताकि ऐसे फर्जीवाड़ों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button